STORYMIRROR

Kumar Kishan

Classics

3  

Kumar Kishan

Classics

ईश्वर की अंश होती हैं माँ

ईश्वर की अंश होती हैं माँ

1 min
251

ईश्वर की अंश होती हैं माँ

बच्चों के लिए कितना कष्ट सहती हैं माँ।

उसके नयन खुद भीग जाते हैं, जब

बच्चों को रोते देखती हैं माँ।


मुझे नहीं पता ईश्वर कैसे होते हैं, लेकिन

मेरी माँ तेरी शक्ल जब देखता हूँ, तब

लगता है की ईश्वर ऐसे होते हैं

माँ की चरणों की वंदना तो विधाता भी करते हैं।


इसके बिना तो सारा संसार ही सुना लगता है

माँ की आँचल में जो सुख है, वो स्वर्ग में

कहाँ से मिल पाएगा ?

माँ की एक आशीष हमें दुर्गुणों से दूर कर जाएगा।


माँ का प्रेम निश्छल है, कोमल है, पवित्र है

इसके कर्जों को हम चुका पाए

हम में वो सामर्थ्य कहाँ ?

ईश्वर की अंश होती हैं माँ

बच्चों के लिए कितना कष्ट सहती हैं माँ।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Classics