ईश्वर इच्छा बलीयसी
ईश्वर इच्छा बलीयसी
अच्छा हो गया तो भगवान की कृपा है
यदि बुरा हो जाए तो ईश्वर की इच्छा है ,
ईश्वर की इच्छा ही बलवान है
भगवान का विधान ही बली है,
भगवान का विधान ही संचारित कर रहा है
भगवान के विधान में सर्वदा कल्याण है ।
विषधर भुजंग में तेरा आवाहन करता हूँ
भक्तों की आवाज़ की महिमा तो देखो ,
मैं संकल्प करता हूँ भगवान के विधान को
ये ईश्वर मेरे संकल्प को पूरा करें ,
भगवान का विधान ही मेरे भीतर प्रकट हो रहा
हमारे अंदर नए विचार का निर्माण कर रहा।
पुण्य संपदा ही हमारी सहायक बनती है
हमारे धर्म सम्पदा ही हमारी रक्षा करती है ,
उसी परम प्रकाश से हमारा जन्म हुआ
वह रात दिन जलता रहता है ,
अंदर प्रवेश करोगे तो उसका अनुभव होगा
दुनियादारी की चीज़ें फीकी दिखाई देंगी।
ज्ञान आदमी के अंतर में पैदा होता है
किताब में पोथियों में ज्ञान नहीं है,
अपने कर्म में विश्वास रखो
जो कुछ करने वाला है वह एक ही है,
कुछ समझ में न आए तो नारायण का ध्यान करो
कुछ समय के लिए अपने में खो जाओ ।
