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अजय एहसास

Drama

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अजय एहसास

Drama

हवाएं सब बताती हैं

हवाएं सब बताती हैं

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मेरे बारे में जो कोई तेरे अल्फाज आते हैं, 

हवाएं पास आ करके हवाएं सब बताती हैं।


महकता शाम है मेरा, चहकती सुबह आती हैं,

हवाएं पास आ करके हवाएं सब बताती हैं।


चुनावी साजिशें आयीं, चुनावी रंजिशें निकलीं

चुनावी दौर में मुझको, हवाएं सब बताती हैं।


नहीं उड़ता बिखरता हूं, नहीं मैं टूटता जुड़कर ,

तेरा यूँ तोड़ना जुड़ना, हवाएं सब बताती हैं।


शहर में आज फैला है सियासी दौर लोगों का,

सियासत की रियासत हैं, हवाएं सब बताती हैं।


कोई कहता फिजा मेरी कोई कहता हवा मेरी,

ये इसका है न उसका है, हवाएं सब बताती हैं।


सियासत की बीमारी देख रोता आज है 'एहसास '

नहीं इसकी दवाई है, हवाएं सब बताती हैं।         


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