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तरूण अहाके बेज़बान

Abstract Others

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तरूण अहाके बेज़बान

Abstract Others

हट

हट

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तुम ही हो क्या राज दुलारे, 

हम भी अश्रु का पानी है!!

तुम ही हो क्या शासक,

हम भी हृदय के स्वामी है!! 


क्या तुम्हारा है ऊँचा दरबार, 

मत हमारा भी जलधानी है!! 

क्या तुम्हारा है तिलक रंग,

पीली हमारी भी जवानी है!! 


तुम ही हो क्या राज दुलारे, 

हम भी अश्रु का पानी है!! 


क्या तुम्हारा है ऊँचा ओहदा,

जनतंत्र हमारा भी मृदुवाणी है!! 

क्या तुम्हारा है अहम नशे में, 

रगो में हमारी भी निशानी है!! 


तुम ही हो क्या राज दुलारे, 

हम भी अश्रु का पानी है!!


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