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तरूण अहाके बेज़बान

Abstract

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तरूण अहाके बेज़बान

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माँ

माँ

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कहती है सारी दुनिया, सृष्टिकर्ता है ब्रह्म 

परन्तु मैं कहता हूँ, सृष्टि जननी है माँ 


सरल ह्रदयी ममतामयी होती है माँ 

कल्पनाशील स्नेहमयी होती है माँ 

निर्मल निश्चलमयी होती है माँ 

स्वच्छ कल्याणमयी होती है माँ 


शीतल सर्वशक्तिमान होती है प्यारी माँ 

दीन दयावान होती है प्यारी माँ 

शत्रु कृपानिधान होती है प्यारी माँ 

ईश्वर से श्रेष्ठ होती है प्यारी माँ 

सृष्टिकर्ता है ब्रह्म तो सृष्टि जननी है माँ 


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