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Pratima Devi

Abstract Others

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Pratima Devi

Abstract Others

हर रंग में, पाऊँ तुझे!

हर रंग में, पाऊँ तुझे!

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अपनी रहमत में रख मुझे।
ना ख़ता हो, ना भुलूँ तुझे।।

यह ज़िंदगी! सौगात बने।
संग वफ़ा नाम, रखूँ तुझे।।

मृदंग, ढोलक, थाप संग।
गीतों की शाम, पूजूँ तुझे।।

मेरी उम्मीद, तेरा रूप हो।
हरेक पल में बसाऊँ तुझे।।

इस संसार में सुकूँ तुझसे।
लबों पर नाम, चाहूँ तुझे।।

कौन हूँ मैं, कहाँ मंज़िल।
तेरी चाहत, सराऊँ तुझे।।

नीरस! तू वक़्त पुकार दे।
जो हर रंग में, पाऊँ तुझे।।

By Pratima 
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