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नफ़रतों के शहर में, ऐसे हम जियें कैसे। हर तरफ़ ही ज़हर है, लबों को सियें कैसे।। किधर से भी आ जाएँ, य... नफ़रतों के शहर में, ऐसे हम जियें कैसे। हर तरफ़ ही ज़हर है, लबों को सियें कैसे।। ...
जियें इस तरह सदा कि खुद पे गुमान रहे बाक़ी। औरों की नहीं, अपनी ही नज़र में मान रहे बाक़ी।। मिलती है... जियें इस तरह सदा कि खुद पे गुमान रहे बाक़ी। औरों की नहीं, अपनी ही नज़र में मान र...
इक नन्हीं-सी आस लिए, दरवाजे पर खड़ी थी वो। उदास, बिखरे बाल लिए, मुश्किलों में पड़ी थी वो। इक नन्हीं-सी आस लिए, दरवाजे पर खड़ी थी वो। उदास, बिखरे बाल लिए, मुश्किलों में पड...
एक तरसती निगाह, एक कँपकँपाता लब और आँखों में छुपा एक आँसू। क्या यह कोई और थी, या मेरे ही भीतर का कोई... एक तरसती निगाह, एक कँपकँपाता लब और आँखों में छुपा एक आँसू। क्या यह कोई और थी, या...
दूर खड़ी वह, कुछ अनबनी-सी, छिपी हताश, दिखी उतावल। शांत चूड़ियाँ, मौन है पायल, अस्त-व्यस्त पट, मन है ... दूर खड़ी वह, कुछ अनबनी-सी, छिपी हताश, दिखी उतावल। शांत चूड़ियाँ, मौन है पायल, अस...
ख़ुद को भुला, दरिया सी बहना चाहती हूँ। इस वक़्त से, मैं भी कुछ कहना चाहती हूँ।। यूँ तो हर पल यादों ... ख़ुद को भुला, दरिया सी बहना चाहती हूँ। इस वक़्त से, मैं भी कुछ कहना चाहती हूँ।। ...
ऐ शब-ए-फ़ुर्कत! अब इंतज़ार न कर। ज़ुदा हुई हसरत, ये दिल बेज़ार न कर।। दिल की सूनी गलियों से, रुख़स... ऐ शब-ए-फ़ुर्कत! अब इंतज़ार न कर। ज़ुदा हुई हसरत, ये दिल बेज़ार न कर।। दिल की स...
सागर से भी, गहरे दर्द। जिनका कोई शोर नहीं।। लाख ज़ुल्म सहे हँस के। दिल कोई कमज़ोर नहीं।। सागर से भी, गहरे दर्द। जिनका कोई शोर नहीं।। लाख ज़ुल्म सहे हँस के। दिल कोई कमज़...
अपनी रहमत में रख मुझे। ना ख़ता हो, ना भुलूँ तुझे।। यह ज़िंदगी! सौगात बने। संग वफ़ा नाम, रखूँ तुझे।। अपनी रहमत में रख मुझे। ना ख़ता हो, ना भुलूँ तुझे।। यह ज़िंदगी! सौगात बने। संग व...
रक्त करता अब यही पुकार। युद्ध विवेक, विराम साकार।। आ खोजें अविरल समाधान। नित नमन कर, शांति प्रहार।। रक्त करता अब यही पुकार। युद्ध विवेक, विराम साकार।। आ खोजें अविरल समाधान। नित नम...