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Nand Kumar

Inspirational

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Nand Kumar

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होली

होली

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वासंती नव सस्येष्टी मिल ,

हम सब आओ मनाएं ।

नये अन्न का बना के होला ,

प्रभु को भेट चढाएं ।।


दिया आपने मेहनत का फल,

 तेरा ही तुमको अर्पण।

दास तुम्हारा चरणो मे तव ,

करता हूं मै समर्पण।।


चेहरे का रंग किसी का तुम ,

बन कारण नही उडाना ।।

लाज शर्म को रखना वाकी ,

खुद को नही लजाना ।।


नही हमारे धन तन बैभव ,

 से हो अहित किसी का ।

मिले मिटाकर बैर गले हो ,

हमसे हित ही सभी का ।।


प्रेम और सौहार्द हमारा ना,

 बिगडे यह रखना ध्यान ।

सद्गुण के पालक बन जगको ,

 दे जाएं हम नव पहचान।।


होली मेल खुशी का उत्सव ,

मिलकर सभी मनाओ ।

पी मदिरा मदमत्त बनो मत ,

ना कटु बचन सुनाओ ।।


रंग लगाएं बांटे खुशियां ,

सबका मुंह मीठा करवाएं ।

भाई चारा प्रेम सहित मिल,

 होली का त्योहार मनाएं ।।



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