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Rajiv Jiya Kumar

Abstract

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Rajiv Jiya Kumar

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होली है

होली है

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होली है होली है होली है

मस्त मस्तानों की फिर वही टोली है

भागी भागी भागी भाभीजी भागी

पकङ पकङ रंग बदन उनका सारा,

जोगी रा सा रा रा रा।।

होली है होली है होली है

फागुनी बयार बौराई बहकी

टुन्न कर बुुढवा को सनकाई

मैं देेेवर ठनकी ने जोर आवाज लगाई

फिर तो धोती कुुुुर्ता फटा रंग गया बौराया

जोगी रा सा रा रा रा।।

होली है होली है होली है

फिंंजा सारी है आज मदमाई

बगलगीर शर्मा जी शरमा हैं छिपे हुए

हरकत पर यह उन पर शर्माई जी गर्माई 

धकेेल धसोर संगियों संंग

उनको नाला में दिया फिर गोत

सन गया कीचड मेें एक भाई प्यारा

जोगी रा सा रा रा रा

जोगी रा सा रा रा रा।।

          


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