होली : दुआएं और संवेदनाएं
होली : दुआएं और संवेदनाएं
ये मेरा प्रेम है जज़्बात हैं दुआएं हैं
तेरे गालों पे हमने रंग जो लगाएं हैं।
गुलाबगुलमोहरगुड़हलचमेलीनीलकमल
पलाश पुष्प के मकरंद चुनके लाएं हैं।
मैं तेरे रंग में रंगकर जरा निखर जाऊं
एक मुद्दत से ये उम्मीद हम लगाएं हैं।
लालनीलेहरेगुलाबी और सिंदूरी
रंग जितने थे चमन केबटोर लाए हैं।
यकीन है तो मुझे रूह में महसूस करो
ज़माने वालों ने बस ऐब ही बताएं हैं।
गले मिलो तो शिकायत की न दरकार रहे
जो भाव दिल में है चेहरे के वही भाव रहें।
हूं मैं कहीं तू कहीं दूरियां मुसलसल हैं
हो जितने फा़सले मन में मगर लगाव रहे।
हमारे दरमियां उल्फ़त कमाल हो जाए
तुम्हारे नाम मेरे हर एक कलाम हो जाए।
ख़ुदा ने तुमको ऐसी बाजीगिरी बख़्शी है
लगा दो हाथ तो मिट्टी गुलाल हो जाए।
तुम्हारी याद ने जब जब हमें जगाएं हैं
अश़्क कागज पे ग़ज़ल बन के उतर आए हैं।
मेरे गालों पर तेरी उंगलियों का इठलाना
लगा कि श्याम ने फिर बांसुरी बजाएं हैं।
ये मेरा प्रेम है जज़्बात हैं दुआएं हैं
तेरे गालों पे हमने रंग जो लगाए हैं।।

