होली आई रे
होली आई रे
आई रे आई रे होली आई रे
रंगों की झोली,भरी पिचकारी
रंग रंग से सजीले बहुत से
मचलते मन,थिरकते
होली के राग राग पर
हुुुुुल्ल्ङ खूब मचाते
मतवााल की टोली आई रे,
होली आई रे,होली आई रे।
बसंती बयार बहक बहक जाए
यह गुनगुनाता पवन
बहका दे मन को ऐसे कि
मन मन तरंग से भर जाए
मचल मचल मन सब को
चाहे ईक रंग में रंग दे बस चाहे रे,
होली आई रे, होली आई रे।।
छुप कर रसोई में अपने सनम
इस रंग से कैसे बच पाओगी जी
रंगरेज सनम सामने अङे खङे
फागुुुनी गान से भरे भरे
मन का उमंग कब तक छुपाओगी
आओ न सामने अपने रंग मे रंग ले
कब तब दामन,चेेेेहरा छुपाओगी रे,
होली आई रे, होली आई रे।।
