हमारा पर गया पाला
हमारा पर गया पाला
पढ़े लिखे बेवकुफो से
हमारा पड़ गया पाला
हमनें ख़ूब सोच खोला
मतवाली बुद्धि का ताला
तर्क को उसने तोड़ मरोड़
कहने लगा ख़ुद को बेजोड़
मैंने भी हंसी का डाला हाला
तारीफ़ कर बेजोड़ बना डाला
वर्षों घुमा इस ख़्याल में हो मतवाला
परिस्थिति पांव में जब बेड़ी डाला
आ कहने लगा तुम हो किस्मतवाला
हार में ही जीत का ख्याल संभाला
ऐसी मति देता नहीं मुझको ऊपरवाला
तुम कैसे ख़ुद को रखते हो मतवाला
मैंने तो हर जुगत लगा डाला
मुझको हर बार हार ही दिखा डाला
कांटे चुभती हैं, किस्मत खुलती हैं
जब भी हार मिले बनो हिम्मतवाला
चलते रहने की जिद्द का चक्रव्यूह रच डाल
परिस्थिति ख़ुद हार जाएगी, तू ख़ुद को संभाल
पढ़े लिखे बेवकुफों से
हमारा पड़ गया पाला
हमनें ख़ूब सोच खोला
मतवाली बुद्धि का ताला
