हम-तुम
हम-तुम
जो तुम रहोगे मेरे साथ
हरदम हंँसते- मुस्कुराते रहोगे,
कोई ग़म ना फटकेगा पास तुम्हारे
जो मेरा हाथ थामे रहोगे,
है इस दुनिया में लाखों
लेकिन, मिलेगा ना मुझासा कोई
चाहे कितना भी ढूंढ़ते रहोगे,
बादल हैं, बारिश हैं,
साथ में हैं दो चाय
अब ये बताओ कब -तक
मुझको ही ताकते रहोगे,
मैं हूंँ और सिर्फ तुम हो
कह भी दो वो तीन शब्द
बताओ,
कब तक चुप रहोगे।
