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Shubhra Ojha

Others

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Shubhra Ojha

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मैंने देखा

मैंने देखा

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आज सुबह

अपने गार्डन में

चाय पीते हुए

बड़े इत्मीनान से बैठकर,

मैंने छोटे पौधों पर

हरी पत्तियां देखी,

उन पत्तियों पे 

ओस की बूंदे देखी,

कई रंगों के मुस्कुराते हुए

फूल देखे, उन फूलों पर

मंडराती हुई तितलियां देखी,

दूर उगता हुआ सूरज देखा

कुछ उड़ती हुई चिड़िया देखी,

तभी फ़ोन वाइब्रेट हुआ

मैंने तुम्हारा 

गुड मॉरनिंग मैसेज देखा,

साथ में

तुम्हारी मुस्कुराती फोटो देखी,

सच, 

ज़िन्दगी बहुत सुंदर है।



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