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Shubhra Ojha

Inspirational

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Shubhra Ojha

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हिंदी बड़ी निराली

हिंदी बड़ी निराली

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जिसमे सीखा पढ़ना लिखना वो हिंदी बड़ी निराली है,

घूमे ये देश विदेश ये हिंदी कहां रुकने वाली है,

हो अंग्रेजी का बोल बाला या हो कोई विदेशी भाषा,

ये हिंदी कहां किसी की सुनने वाली है।

भारत से हो कर ये कई देशो में जाती है,

विदेशो में रहकर भी हिंदी देशी कहलाती है।

हम हिन्दुस्तानी हिंदी पर मरते पढ़ ले चाहे कितनी भी भाषा,

पर हिंदी को ही मातृभाषा कहते है।

जब निकले हम घर से बाहर अंग्रेजी में बतियाते है,

लौटे जब घर को बच्चों को हिंदी पाठ पढ़ाते है।

एक दिन बिटिया बोली क्या करना है हिंदी पढ़ कर,

मैंने उसको पास बुलाया बैठाया और फिर समझाया..

हिंदी माँ और नानी की भाषा हिंदी में दादी लोरी गाकर तुम्हे सुलाये

हिंदी से सारा परिवार जुड़ा है।जब तुम्हे हिंदी पढ़ना लिखना आएगा

पूरा परिवार तुम पर और ज़्यादा प्यार लुटायेगा,

ये सुन बिटिया मुस्काती है जा के हिंदी की किताब उठा लाती है,

हिंदी उस दिन मुस्कायेगी....जब वो सबसे पहले अपने घर में सम्मान पायेगी।


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