STORYMIRROR

Shubhra Ojha

Inspirational

4  

Shubhra Ojha

Inspirational

हिंदी बड़ी निराली

हिंदी बड़ी निराली

1 min
266

 

जिसमे सीखा पढ़ना लिखना वो हिंदी बड़ी निराली है,

घूमे ये देश विदेश ये हिंदी कहां रुकने वाली है,

हो अंग्रेजी का बोल बाला या हो कोई विदेशी भाषा,

ये हिंदी कहां किसी की सुनने वाली है।

भारत से हो कर ये कई देशो में जाती है,

विदेशो में रहकर भी हिंदी देशी कहलाती है।

हम हिन्दुस्तानी हिंदी पर मरते पढ़ ले चाहे कितनी भी भाषा,

पर हिंदी को ही मातृभाषा कहते है।

जब निकले हम घर से बाहर अंग्रेजी में बतियाते है,

लौटे जब घर को बच्चों को हिंदी पाठ पढ़ाते है।

एक दिन बिटिया बोली क्या करना है हिंदी पढ़ कर,

मैंने उसको पास बुलाया बैठाया और फिर समझाया..

हिंदी माँ और नानी की भाषा हिंदी में दादी लोरी गाकर तुम्हे सुलाये

हिंदी से सारा परिवार जुड़ा है।जब तुम्हे हिंदी पढ़ना लिखना आएगा

पूरा परिवार तुम पर और ज़्यादा प्यार लुटायेगा,

ये सुन बिटिया मुस्काती है जा के हिंदी की किताब उठा लाती है,

हिंदी उस दिन मुस्कायेगी....जब वो सबसे पहले अपने घर में सम्मान पायेगी।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational