हम तेरे हुए
हम तेरे हुए
यादें कटती नाम तेरा लेते हुए
कई मुद्दत से बैठे है हम तेरे हुए।
तुझे लेने बारात लेकर आएंगे
हर तरफ मेरे इश्क़ के चर्चे हुए।
कारवाँ ठहरा तेरी दहलीज़ पर
कर अदा रस्में संग मेरे चलते हुए।
फासला शायद ये तुमको याद हो
आ गए तुमको ज़रा ढूंढते हुए।
थक गया हूँ बाँहों में पनाह लेने दें
आएगी नींद नाम तेरा लेते हुए।
साँस अपनी तुझे बनाकर रख लिया
इस जहाँ से मुक़म्मल करते हुए।
"नीतू" बहुत याद आती हैं तेरी
फेंक आया घर से फूल कुछ सूखे हुए।
गिरह
खुद उलझकर खुद में ही हम रह गये
ख़त्म सारे वास्ते उस से हुए।

