"हिन्दूजा सूरज महाराणा प्रताप"
"हिन्दूजा सूरज महाराणा प्रताप"
हिन्दूजा सूरज है,महाराणा प्रताप
पूरी दुनिया गा रही है,उनका प्रताप
हम भारतीयों के हृदय बसे है,आप
आपको करता भारत,आज भी याद
गुलामी अंधेरा मिटातेवाले सूर्य आप
झुके न कभी अकबर के आगे,आप
स्वाभिमान ही आपका है,इंकलाब
आपकी मृत्यु पर उसे भी हुआ,संताप
जिसे कहती थी,दुनिया मुगल सम्राट
कहां से लाऊं में ऐसा शत्रु,में आज
जिसके आते रहते थे,मुझको ख्वाब
आपके कर्म थे,इतने ज्यादा लाजवाब
मृत्यु बाद भी दिलों में जिंदा है,आप
आपको वंदन,नमन,महाराणा प्रताप
आपने सिखाया,घास रोटी खाओ,आप
मत झुकने दो कभी खुद्दारी का ताज
स्वाभिमान से बढ़कर कुछ नही,ताज
स्वाभिमान जिंदा तो ही जिंदा हो,आप
बगैर स्वाभिमान बिना मणि नाग आप
प्रताप की बहादुरी का सुन लो,काज
एक प्रहार से बहलोल चीर दिए,आप
आप भीलों के कहलाते थे,कूका जाबांज
यह दर्शाता,आप जातिवाद के न थे,साथ
ऐसे साम्प्रदायिकता की जब आती,बात
उस पर महाराणा प्रताप को करो,याद
हकीम खां था,उनका सेनापति जाबांज
जिसने दिया था,वचन सिंहासन मेवाड़
जब तक रहेगी तलवार,हाथ इस पठान
झुकने नही दूंगा में,स्वाभिमान,मेवाड़
आज भी तलवार सहित दफन,आप
इस स्वामिभक्ति को करता,हिंद आदाब
ऐसे स्वाभिभक्तो के थे प्रताप,कद्रदान
हिन्दूजा सूरज है,जी महाराणा प्रताप
आओ इनकी शिक्षा ग्रहण करे,हम आप
जब तक जिंदा रहेगा,प्रताप स्वाभिमान
तब तक जिंदा रहेगी यह मेवाडी शान।
