हिंदुस्तान को मेरा सलाम
हिंदुस्तान को मेरा सलाम
हिंदुस्तान को मेरा सलाम
जिसका है एक अलग नाम
है कहलाता वो बड़े प्यार से
और बड़े हीं गर्व के साथ भारत
जब हुवा था हमारा हिन्दुस्तान
अंग्रेजों के हाथों से आज़ाद १९५७ वर्ष में
हो था गया वो बड़ा कमज़ोर
मगर है आज वो सबसे ताकतवर
है मेरा देश महान।
अंग्रेजों के आने से पेहेले इस
इस देश के भीतर
रखने से पेहेले इस देश पर अपने पांव
था हमारा हिंदुस्तान केहेलाता
सोने की चिड़िया
था जिसके पास सब कुछ
जो केहेलाता था अंदर हीं अंदर सबसे अमीर
था जिसके पास कोहिनूर का हीरा
था मेरा देश सबसे महान ।
मेरा हिंदुस्तान जैसा होगा क्या कोई भी ऐसा देश
जो कभी लेता होगा दिल से फैसले
बिना करने दिए दिमाग को हस्तक्षेप कोई भी मामले
कर लेना अंग्रेजों पर भरोसा की आए हैं वो करने
हिंदुस्तान में व्यापारी बढ़ाने हैं वो आए हिंदुस्तान का पैसा
करने हैं आए वो हिंदुस्तान के लोगों को अमीर
मिटाने हैं आए वो हिंदुस्तान की गरीबी
आए वो हैं देने हिंदुस्तान को जगह
दुनिया की अर्थव्यवस्था की देशों के सूची में नाम
थे इतने भोले और दिल के साफ हमारे देशों के राजा महाराजाएं
वाकई में है हमारा हिन्दुस्तान बड़ा हीं महान।
बड़े भावुक हु़वा करते थे हमारे देश के लोग
थे दिल बहुत हीं बड़े हमारे देश के लोगों के
बड़े रखते वो खयाल थे हमारे जनता के
वो बड़े राजा महाराजा थे
लिया जाते उनके बड़े हीं नाम तब थे
जिनके नाम है रहे गए किताबों के कुछ पन्नों में
नही जाते वो किए लोगों के मन में याद
थे वो बड़े वीर बड़े जाबाज़ हिंदुस्तानी थे
जिनका नाम लेते हीं कांप वो अंग्रेज थे
जिसको मानते सारे देश भक्त थे
वो राजा महाराजा बड़े महान थे
मेरा देश बड़ा हीं महान है।
जब आए थे वो अंग्रेज करने हमारे देश में व्यापारी
तब खुले दिल से किया था हमारे देशवालों ने उनका स्वागत
दिया था बड़े हीं दिल और मन से उन्हें व्यापारी करने के इजाज़त
नही था हमारे लोगों के मन में कोई डर
नही था हमारे राजा महाराजाओं को पता
की जिन्हे दे रहे हैं वो व्यापारी करने की इजाज़त
जिनका रहे हैं वो कर बड़े हीं खुले दिल से वो स्वागत
वही कभी देंगे उन्हें धोखा
जिन्हे दिए गए थे सामान व्यापारी करने के लिए
ले जायेंगे वो अपने देश चुराके उससे
कर देंगे उस देश को अपने हाथों से कब्ज़ा
मर देश तब था बड़ा हीं भोला।
जब चला हमारे देश वासियों को पता
की जिन्हे वो दिए थे इजाज़त रहने की हमारे देश में
रेहे के करने व्यापारी हमारे देश में
आए थे वो राजा महाराजाओं को करने खुश
कर रहे हैं वो देश में गद्दारी
लूट वो रहे हैं अपने देश को
कर वो रहे हैं हमारे देश वासियों पर अत्याचार
लड़ने गए हमारे देश के वीरों निकल
बिना ये देखे बिना ये सोचे की क्या कर वो पाएंगे
तलवारों तीरों खंजरों से उनका मुकाबला
जब था उन अंग्रेजों के पास बड़े बड़े बंदूक थे
हमारे देश वासी वो बड़े हीं महान थे।
थे उनके पास बड़े बड़े बंदूक थे
जिनसे निकलती गोलियां बड़े हीं ज़ोर के रफ्तार से थी
सिर्फ दबा ते हीं एक हीं बटन
फिर भी रहे थे हमारे देश के वीरों
सीना तान के खड़े वो थे बेधड़क
बिना दिल पे कोई डर लिए
थी उनके आखों में सिर्फ गुस्सा
की देंगे वो मिटा देश में आए धोखेबाजों को
नही कोई करेगा हिम्मत वापस नहीं आएगा देने कोई देश को धोखा
नही वो जानते की था क्या उनके भविष्य में लिखा
फिर भी थे लड़ कर मरने मिटने के लिए तैयार
वो देश हमारा हिन्दुस्तान बड़ा हीं महान था।
है हमारे देश के इतने महान थे की क्या कहें
देती उन्हें हिंदुस्तान के देश वासियों के साथ
देती उन्हें सलाम पूरी दुनिया के लोग हैं
लड़ते मरते हमारे देश के वीर गए
युग बीते और नए वीर आके उन अंग्रेजों के सामने खड़े हुवे
तब जन्म लिए थे वो वीर लड़ पाने की क्षमता ले कर
थे उनके दिल खौफ से आज़ाद
थी उनके दिल विद्रोह करने की झुलसती आग
थी उनके आखों में गुस्से की आग
जो कर देती उन अंग्रेजों को जला कर राग
थे हमारे देश के वीर उतने महान थे।
थी उनमें इतनी क्षमता की सिर्फ नही वो लेते थे
उनसे मुकाबला करने की चुनौती
बल्कि अपने दिमाग से देते थे उनको हरा
नही थे वो डरते अपनी मौत से थे
उनकी खुशियां तो सिर्फ देश की आज़ादी में थी
थी उनकी खुशियां तो सिर्फ देश वासियों के शांति और चैन से रहने में
जानते थे वो की चालाकी और वीरता लाके कर देगी उन्हे
एक दिन उनके हीं मौत के सामने खड़ा
नही आएगा उन्हें कोई बचाने को
लेंगे वो अपनी आखरी सांस मरेंगे वो उन धोखेबाजों के हाथों
फिर भी थे वो खड़े उन अंग्रेजों के सामने बेखौफ थे
हमारे देश के वीर बड़े हीं महान थे।
भले हीं आज नही हैं वो जिंदा लेकिन
उनकी की गई हमारे देश की आज़ादी के लिए युद्ध
आज दे पाई है हमे बड़े हीं सुकून की जिंदगी है
जो वीर तब थे उन अंग्रेजों को सामने बेधड़क बेखौफ खड़े
जानते वो थे की एक दिन ज़रूर आएगा ऐसा
जिस दिन होगा हमारा देश आज़ाद
लेंगे हम चैन की सांसें बैठ के अपनी घरों में
खेल हम पाएंगे रंगों की वो त्योहार जिससे कहते होली हैं
मना हम पाएंगे रोशनी और दीपक की वो त्योहार दिवाली है
पता था उन्हें नहीं पाएंगे वो ये सारे त्योहार उस जन्म में देख
फिर भी जी जान लगा कर अपने कर वो गए थे कोशिश
हमारे देश के वीरों। उतने महान थे।
१९० साल कर वो अंग्रेज गए हम पर राज
सिर्फ इसीलिए की बड़े भोले और बड़े हीं दिलवाले हमारे हिंदुस्तान के लोग थे
होते वो थोड़े हीं सक्त और दिमाग वाले हमारे तब के देश वासी
लेते होते तब वो अपने दिमाग से फैसले
नही मिलता अंग्रेजों को एक भी मौका की कर पाते वो हम पर राज
नही आया होती उन्हे कभी राज हम पर करने की खयाल
तड़प वो जाते इस खयाल से की हिन्दुस्तान के वीर होते कितने
खौफनाक और खतरनाक जब आती है बात उनके देश
और उनके देश वासियों पर है
हो जाते वो तैयार मरने मिटने के लिए
वो देश के वीर बड़े हीं महान थे
वो देश हिन्दुस्तान हमारा बड़ा हीं महान है ।
क्या पाया होता कभी हमारा देश आज़ाद
अगर हुवे नही होते कभी हमारे वीर
लड़ने और मर मिटने के लिए तैयार
अगर ये वो सोचते की हमारे लड़ने मर मिटने से नही पड़ेगा किसीको फर्क
नही होगा हमारे लड़ने मरने और मिटने पर हमे और हमारे परिवारों को कोई फायदा
थी बहुत हीं बड़ी हमारे वीरों के धारी माता के लिए प्रेम और देश के लिए देश भक्ति थी
नही वो पाए देख बहार वालों को लेते हमारे देश की मिट्टी
बहाते हमारे देश में हमारे हीं देश वासियों के रक्त
बिना ये सोचे क्या वो जिन देश वासियों के लिए हो रहे खड़े हैं
लड़ उन अंग्रेजों से रहे हैं वक्त आने पर क्या वही लोग उनके लिए होंगे खड़े
उनके लिए और उनके परिवारों के लिए मांगेंगे वो इंसाफ
हमारे देश के वीर बड़े हीं महान थे।
क्या है सोचा किसीने कभी की अगर लड़े नही होते
हमारे देश की आज़ादी के लिए हमारे देश में लिए जन्म हमारे वीर
हो पाए होते कभी हम उन अंग्रेजों के गिरफ से आज़ाद
क्या बना पाए होते अपने देश का संविधान
क्या ले पाए होते १९४९ साल में २६ नवंबर को
संविधान सभा के हाथों संविधान को गोद में
क्या पा रहे होते हम आज गणतंत्र दिवस २०१३ साल में मना
क्या हो पाया होता कभी हमारा हिन्दुस्तान
उन अंग्रेजों के हाथों से आज़ाद
इसीलिए मैं केहेती हूं की हमारे देश के वो वीरों बड़े हीं महान थे
और उन्हें जन्म देने वाली हमारी भारत माता और हिन्दुस्तान की में बड़ी हीं महान थी।
वो हिंदुस्तान जिसे सोने की चिड़िया कहा जाता था
न की वो सिर्फ रत्न और अनमोल हीरों जैसे पत्थरों को अपने गर्भ से जन्म देती थी
बल्कि वो तो रत्नों को इंसानों के रूप में जन्म देती थी
वो हिंदुस्तान बड़े हीं महान थे हैं और हमेशा रहेगा
इतिहास में उसका नाम था है और हमेशा रहेगा
हिंदुस्तान में जिसमे सब कुछ है जो बाकी सारे देश विदेशों में नही है
वो हिंदुस्तान बड़ा हीं महान है
इसीलिए ये मेरा हिन्दुस्तान को बड़ा हीं सलाम है
जय हिंद जय भारत महान है हमारा हिंदुस्तान।
