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Dr.rajmati Surana

Abstract

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Dr.rajmati Surana

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हे माँ शारदे

हे माँ शारदे

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 हे शारदे माँ करूँ वंदन,

हाथ जोड़ करूँ मैं वंदन।

करूँ विनती रोज में तुम से,

अज्ञानी हूँ मैं मुझे ज्ञान से भर दे।


ज्ञान की तू महादेवी,

मुझे तो तम से दूर कर दे।

वीणा वादिनी हंस वाहिनी,

सरस्वती माँ मुझे मे नव संचार भर दे


लक्ष्य को प्राप्त करने हेतू,

मुझमें नव उत्साह भर दे।

हे शारदे माँ करूँ वंदन।


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