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संजय कुमार

Abstract

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संजय कुमार

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हे ज्ञानदायिनी माँ

हे ज्ञानदायिनी माँ

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हे ज्ञानदायिनी माँ हे ज्ञानदायिनी माँ 

अज्ञान को दूर कर मुझे ज्ञान दे माँ

ज्योति, ख्यात, जेहन की तु आराध्य है माँ

हे ज्ञानदायिनी माँ हे ज्ञानदायिनी।


ह्रदय में वास कर मुझे तार दे माँ

अन्धकार को दूर कर प्रकाश दे माँ

हे ज्ञानदायिनी माँ हे ज्ञानदायिनी माँ।


तू सदगति का मार्ग है ज्ञान का द्वार है माँ

हम है तेरे नन्हे बालक हमे प्यार दे माँ

हे ज्ञानदायिनी माँ हे ज्ञानदायिनी माँ।


अपयस का अंत कर सदा नव्य ज्ञान दे माँ

सदा श्रद्धा की राह चलें ऐसा मार्ग दे माँ

हे ज्ञानदायिनी माँ हे ज्ञानदायिनी माँ।


सदा मेरे साथ रहे तु ऐसा विश्वास दे माँ

विद्या और बुद्धि का वरदान दे माँ

हे ज्ञानदायिनी माँ हे ज्ञानदायिनी माँ।


 


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