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Sushma Tiwari

Inspirational

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Sushma Tiwari

Inspirational

है ये वादा मेरा

है ये वादा मेरा

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सुर्ख़ जोड़े में सजी दुल्हन बन तैयार

मन में एक अफसोस बस एक बार

हो जाती उनसे कुछ बात

जिनके संग गुजारना है अब हर

दिन रात

यूँ ही अचानक बढ़ा एक हाथ

और उन्होंने थामा मेरा हाथ


सोचता हूं आज कह दूँ 

सुनो मेरा एक ख्याल था

तुम्हारी इज़्ज़त बनने की 

तुम्हारे माथे का सिंदूर बनने की 

तुम्हारे उंगलियों की अंगूठी बनने की

तुम्हारे हाथों की चूड़ियाँ बनने की

तुम्हारे दिल की धड़कन बनने की

बस एक बार हाँ कर दो

बस एक बार हाँ कर दो 


धड़कता दिल हाँ यही तो सोच रहा था

कैसे कहें दिल की बात उलझन में था

अब जो ख्याल सुना तो सोचा

सवाल भी कर ही लूँ


हाँ जी मेरा भी एक सवाल था

क्या इज़्ज़त के बदले इज़्ज़त दे पाओगे

सिंदूर बन कर किस्मत पर तो ना

बैठ जाओगे

मैं उँगलियों मे सजा लूँ तुम्हें पर

वादा करो, कभी उंगली तो ना उठाओगे

चूड़ियों के बहाने हाथ बाँध तो ना दोगे

धड़कन बना तो लूँ

पर मेरे सपनों पर काबू कर

उन्हें मिटा तो ना जाओगे

बस इतना वादा कर दो 

बस इतना वादा कर दो


फ़िर उनके हाथों ने थामा

मेंहदी भरे मेरे हाथ

जान मेरा शृंगार बोझ बन जाए

ये तुम होने मत देना

हाँ मैं खुद कहता हूं

मेरे इश्क़ में खुद को खोने मत देना

तुमसे जुड़ कर सपने जोड़ना चाहता हूं

ना की तुम्हें आधा कर तोड़ना चाहता हूं

मंगल समय है सिंदूर नहीं ये वादा है

तुझसे जुड़ना चाहूँ बस यही इरादा है 


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