है चाहत मेरी दिल की
है चाहत मेरी दिल की
है चाहत मेरी दिल की परिंदा बन आसमाँ छू जाऊँ
दिशाएँ दिशाएँ जाकर गगन को चूम आ जाँऊ
है चाहत मेरी दिल की चमन के फूल बनकर फ़िज़ाओं में उतर जाऊँ
बन तितली प्रकृति के निकट हो जाऊँ
बन बादल धरा पर बरस जाऊँ
सतरंगी रंग से आसमा को इन्द्रधनुष सा सजा जाऊँ
भंवर में डूबी कश्ती को साहिल तक ले आ उ
है चाहत मेरी दिल की बन पतंग आसमाँ में उड़ जाऊँ
न हार मान जिंदगी में कभी हिम्मत के पेज लड़ आ उ
है चाहत मेरी दिल की जिंदगी में कुछ कर दिखाऊ
किसी मजबूर की मदद कर पाऊँ
सबका दुःख दूर कर पाऊँ
है चाहत मेरी दिल की सबको हँसा सभी के गम भुलाने में मददगार साबित हो पाऊँ
है चाहत मेरे दिल की अपने माँ बाप को दुनिया की हर खुशी दे पाउ
अपने दादा और नाना के सिखाये राह पर चलकर उनका नाम रोशन कर पाउ
है चाहत मेरी दिल की बुजुर्गों का आशीर्वाद पाकर अपना जीवन सफल पाऊँ
है चाहत मेरी दिल की हो कहीं सितारों में आशियाँ मेरा भी
इक बन रोशनी अंधेरा सारे जहाँ का मिटा पाऊँ
है चाहत मेरी दिल की हर कदम प्यार,
विश्वास और एक भावना अपनत्व की पाऊँ
जीवन में एक अच्छा इंसान बनने की चाहत पूरी कर पाऊँ
है चाहत मेरी दिल की वक्त्त छिन न ले कहीं मुझसे ये साँसे मेरी
माँ, माटी और वतन का कर्ज चुका पाऊँ,
कर देश हित कुछ मैं इतिहास बन जाऊँ. एसी एक देश की अच्छी बेटी कहलाऊँ।
