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GOPAL RAM DANSENA

Abstract

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GOPAL RAM DANSENA

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हाय !ये झुनझुना

हाय !ये झुनझुना

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जीवन में हमारा झुनझुना

कानों पर यों बजता रहा

कि जिंदगी हर पल सुहाना

अब होगा, तब होगा

मानो बारात सजती रही

पर बजी तो बजती रही

जिंदगी में पल पल दूना

हाय ! ये झुनझुना


मम्मी पापा ने कहा

जाओ तुम पढ़ना

बढ़ना जीवन में

अपना भाग्य गढ़ना I

मैं पढ़ा, बढ़ा अपना

भाग्य गढ़ा

बेरोजगारों के बीच

दौड़ रहा देश का

ये कोना वो कोना

हाय ! ये झुनझुना


जीवन भर ये पांचवां साल

आता गुजर जाता दे के मलाल

नेता आते भर भर टोकरी

खाली न होते उनके गाल

इसे देखा उसे देखा

हर गोठ पर वोट देता

रोजी रोटी मकान के खातिर

हर पांचवां ख्वाब बुना

हाय ! ये झुनझुना!



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