vaibhav mishra
Inspirational
हर रूप में,हर रिश्ते में
हर कर्तव्य निभाती हूँ,
हाँ मैं नारी हूं,
फिर भी अबला बोली जाती हूँ,
काया मेरी है कोमल
मगर
हूँ पर्वत जैसी बुलंद
जिम्मेदारियां निष्ठा से उठाती हूँ,
फिर भी अबला बोली जाती हूँ।
दोस्ती राज मु...
हाँ मैं नारी ...
खूबसूरत लम्हो...
भगवान अन्नपूर...
था कहीं अब हू...
ये वैरी डेंजरस ,वाइरस ये करोना****चाइना ने लिखी ये ,दास्ताँ ..sssss ! ये वैरी डेंजरस ,वाइरस ये करोना****चाइना ने लिखी ये ,दास्ताँ ..sssss !
जहाँ प्रकृति की सुंदर गोदी में,स्काउट करता है बसेरा वो स्काउट कैम्प है मेरा ! जहाँ प्रकृति की सुंदर गोदी में,स्काउट करता है बसेरा वो स्काउट कैम्प है मेरा !
ये महामारी है कोरोना की, कोई दवा भी ना इसे मोड़ सके! ये महामारी है कोरोना की, कोई दवा भी ना इसे मोड़ सके!
ये तो है साझेदारी। जीवन की ज़िम्मेदारी चलो बाँट ले आधी-आधीI ये तो है साझेदारी। जीवन की ज़िम्मेदारी चलो बाँट ले आधी-आधीI
तुम ख़ास हो, क्योंकि तुम 'तुम' हो, किसी और की उम्मीदों का पुलिंदा नहीं। तुम ख़ास हो, क्योंकि तुम 'तुम' हो, किसी और की उम्मीदों का पुलिंदा नहीं।
वर्णव्यवस्था ने, जाल कमाल बिछाया सै। स्वर्ण को ऊंचा, शुद्र को नीच बताया सै। वर्णव्यवस्था ने, जाल कमाल बिछाया सै। स्वर्ण को ऊंचा, शुद्र को नीच बताया सै।
उस घर में खुशहाली आए, जिस घर में तुम्हारी पूजा हो।! उस घर में खुशहाली आए, जिस घर में तुम्हारी पूजा हो।!
छोड़ गयीं कुछ सुलगते प्रश्न अतीत की कोठरियों में। छोड़ गयीं कुछ सुलगते प्रश्न अतीत की कोठरियों में।
अपनी जिंदगी की राह मैं खुद बनाऊंगा लोगो क़े तानों को ही मैं प्ररेणा बनाऊंगा। अपनी जिंदगी की राह मैं खुद बनाऊंगा लोगो क़े तानों को ही मैं प्ररेणा बनाऊंगा।
भूलकर मतभेद सारे साथ फिर से हम चलें अब रहे ना बैर कोई दिल जरा रोशन करें। भूलकर मतभेद सारे साथ फिर से हम चलें अब रहे ना बैर कोई दिल जरा रोशन करें।
बिछड़ गया वह पुष्प मजबूत लता से ,जिसे खुद पर बड़ा गुरूर था l बिछड़ गया वह पुष्प मजबूत लता से ,जिसे खुद पर बड़ा गुरूर था l
विद्या से नम्रता है मिलती, उस पर भी अहंकार हो गया। विद्या से नम्रता है मिलती, उस पर भी अहंकार हो गया।
घर में ही रह जाना तू कोरोना आया है, कम से कम ही जाना तू कोरोना आया है। घर में ही रह जाना तू कोरोना आया है, कम से कम ही जाना तू कोरोना आया है।
कुंदन बनने के लिये जैसे हमको तपना पड़ता है वैसे रोशनी के लिये पहले खुद जलना पड़ता है। कुंदन बनने के लिये जैसे हमको तपना पड़ता है वैसे रोशनी के लिये पहले खुद जलना पड़...
बिना श्री के तो, नारायण का भी कहीं सम्मान नहीं है! बिना श्री के तो, नारायण का भी कहीं सम्मान नहीं है!
सच मानो कोई देख रहा है, जिसका तुमको भान नहीं। सच मानो कोई देख रहा है, जिसका तुमको भान नहीं।
विचारों का ही सकल पसारा, यही बनते दुखदाई हैं। जैसी करनी वैसी भरनी, नेकी की करनी कमाई विचारों का ही सकल पसारा, यही बनते दुखदाई हैं। जैसी करनी वैसी भरनी, नेकी की क...
हर ख्वाहिश को मंजिल मिलना मुमकिन नहीं हर राह का सीधा होना मुमकिन नहीं हर ख्वाहिश को मंजिल मिलना मुमकिन नहीं हर राह का सीधा होना मुमकिन नहीं
बड़ा ही सौभाग्य हमारा, जो मानुष तन को धारा है। देवता भी तरसते पाने को, दुर्लभ शरीर। बड़ा ही सौभाग्य हमारा, जो मानुष तन को धारा है। देवता भी तरसते पाने को, दुर्ल...
आदिशक्ति जगत जननी का इस धरा पर जीवित स्वरूप हैं! आदिशक्ति जगत जननी का इस धरा पर जीवित स्वरूप हैं!