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Priti Chaudhary

Abstract

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Priti Chaudhary

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गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर

गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर

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इस पावन दिन जन्मे थे गुरुदेव रवीन्द्र नाथ टैगोर,

मानो ज्ञान की हो गई थी नवल भोर।

कर कमलों से लिख दिया अद्भुत राष्ट्रगान,

बन गए ये भारत की गौरवशाली पहचान।


गीतांजलि के रचयिता, अविस्मरणीय इनका लेखन,

आज इन महापुरुष का शत शत करते हम वंदन।

अर्पित करते हैं गुरुदेव को शब्द प्रसूनों के हार,

 इनकी बहुमुखी प्रतिभा से परिचित है संसार।


इनको ही सर्वप्रथम मिला साहित्य का नोबेल पुरस्कार,

समूचे विश्व में कलम की हुई जयजयकार।

 गुरुदेव रवीन्द्र नाथ टैगोर को हम करें कोटि-कोटि प्रणाम,

विश्व में विशेष आदर से लेते हैं इनका नाम।


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