STORYMIRROR

Supriya Devkar

Action

3  

Supriya Devkar

Action

गुजरते वक्त के साथ

गुजरते वक्त के साथ

1 min
202

छूट गये सारे पल

गुजरते वक्त के साथ

हम पकड़ ना सके उन्हें 

ना थामा उनका हाथ


अभी वक्त बाकी है

आने वले पल को ना छोड़ना

खुशियों की दस्तक होनी है

नसीब का रोना मत रोना


मजबूर कर सामने वाले को

खुद चलकर तेरे पास आए

तेरे काम का गुण 

बड़े चाव से वो गाए



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Action