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Sunil Kumar

Inspirational

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Sunil Kumar

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गृहस्थ जीवन

गृहस्थ जीवन

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गृहस्थ जीवन होता नहीं आसान 

हर दिन होता एक नया इम्तिहान।


मानव जीवन का स्वर्णिम काल

जिसमें मिलता अनुभव अपार।


दंपत्ति होता गृहस्थी का आधार

कर्म से जिसके सजता परिवार। 


दंपत्ति में होता जब स्नेह-दुलार 

फूलों सा महकता घर-परिवार।

 

सुख-दु:ख में रहते जब एक समान

दंपत्ति में घुस न पाता क्लेश-विकार। 


गृहस्थी में दंपत्ति का होता बड़ा योगदान 

कर्मों से इनके फलता-फूलता परिवार।


गृहस्थ जीवन होता तपोवन समान 

सुख-दुःख का जिसमें संगम कमाल ।



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