STORYMIRROR

Sandeep Suman Chourasia

Inspirational

2  

Sandeep Suman Chourasia

Inspirational

गिरते पत्तों से

गिरते पत्तों से

1 min
212

गिरते पत्तों ने बतलाया है मुझ को

गिरा देंगे तुम्हारे अपने भी तुझ को

भार जिस दिन तुम बन जाओगे।


कार्बन के अपरूप हीरे ने

बतलाया मुझ को

कोयले से तप कर किम्बरलाइट

पर चढ़

जिस दिन अपना चमक तुम पाओगे

अपने क्या गैर भी तुम पर हक़

जमाएंगे

कृति किसी की भी क्यों ना हो तुम

पर वो तुम्हें बस अपना ही बतलायेंगे।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational