घबराना नही
घबराना नही
टूटने से घबराना नहीं टूटना भी तो अच्छा होता है,
रोटी के टूटने के बाद आहार नली में प्रवेश होता है।
जीवन में एक सपना टूटने पर दूसरा तैयार होता है,
दूसरे सपने के द्वारा फिर जीवन का उद्धार होता है।
बादल के टूटने से जल द्वारा धन-धान्य तृप्त हो जाते हैं,
बड़े पहाड़ों के टूटने से चिकने टुकड़े देव बन जाते हैं।
वही देव बने पत्थर मंदिर में श्रद्धा से पूजे जाते हैं,
टूटना हमेशा बुरा नहीं कभी इससे भी सुख पाते हैं।
जब दिल किसी का टूटता तो व्यक्ति श्रेष्ठ हो जाता है,
अहंकार जब टूटता मानव भी महान बन जाता है।
दीपक का बुझ जाना जैसे नव प्रभात को दर्शाता है,
कहीं का टूटना फिर नवीन जोड़ बनके सामने आता है।
