एक सच्ची मुस्कान
एक सच्ची मुस्कान
एक सच्ची मुस्कान हृदय का गहना है,
सुंदर दिलवालों का यही तो कहना है।
दिखने में मासूम हृदय से निकलती है,
जीत ले सामने वाले को संतों का ऐसा कहना है।
शीतल कर जाती है सभी को एक चितवन से अपनी,
सुंदर सी लगती होंठों पर बहता खुशी का झरना है।
स्वागत करते समय इसलिए होंठों पर मुस्कान है रहती,
स्वर्ग भूमि पर इसके सहारे अब स्थापित करना है।
क्यों हमको मासूम से बच्चे इतने प्यारे लगते हैं,
कारण उनके चेहरे पर कोमल मुस्कान का होना है।
जब इतनी गुणकारी है इक सच्ची सी प्यारी मुस्कान
मज़े से जीने की खातिर अब इसका हाथ पकड़ना है।
