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dhruvpranay Pandey

Abstract Classics Inspirational

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dhruvpranay Pandey

Abstract Classics Inspirational

मुस्कान

मुस्कान

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टेढ़ी रेखा है मुस्कान जो सब सीधी करती है,

अंदर बाहर चारों तरफ खुशियाँ ही भर देती है।


मुस्काये जो हरदम चाहे कैसा भी हो समय उसका,

उसकी जीवन यात्रा में साथ सफलता रहती है।


आपका चेहरा अगर सजा हो खुशियों के आभूषण से,

खुद तो आप सुखी होते हैं दुनियाँ भी खुश होती है।


जीवन तो सुख दुख का संगम ये तो आते रहते हैं,

इन्हीं में रहकर सही को चुनकर ज़िंदगी आगे बढ़ती है।


ना घबराना ग़म से मित्रा धूप छाँव का खेल है ये,

कसके कमर बढ़ो आगे नीति यही तो कहती है।


फ़िर आओ संकल्प करें कि कभी उदास न हम होंगे,

सबसे बड़ा अपराध उदासी दुर्बल हमको करती है। 


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