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dhruvpranay Pandey

Inspirational

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dhruvpranay Pandey

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महा शक्ति

महा शक्ति

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सभी शक्तियों में जो शक्ति सबसे बड़ी अनंत है,

महा शक्ति उसको कहते हैं, जिससे दिग दिगंत है।

परम पिता परमेश्वर वह हैं जिसने प्रकृति का खेल रचा,

उन्हें जानने वाले पंडित, ज्ञानी उनके संत हैं।

एक ही शक्ति सभी में व्यापित तरह तरह के खेल रचे,

गोचर हो या अगोचर क्षेत्र हो सब उनके ही तंत्र हैं।

हम सारे संतान उन्हीं की उनकी रचना यह ब्रह्मांड,

करता धर्ता सब कुछ वही हैं हम बस उनके यंत्र हैं।

नाज़ कभी ख़ुद पे ना करना कि मैंने ये काम किया,

जिस दिन ऐसा सोच लिया तो समझो अपना अंत है।

कर्म की गति है न्यारी कर्म के नियम से सारे बँधे हुए,

फल तो भुगतना पड़ेगा कर्म के पहले सभी स्वतंत्र हैं। 


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