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हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Romance

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हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Romance

एक नई दुनिया

एक नई दुनिया

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हमने तो तेरे दिल के अंदर

बसा ली है एक नई दुनिया 

जहां बस अरमान बसते हैं 

जजबात मजे से रहते हैं 


उस दुनिया में दोनों को कभी 

गमों की आहट सुनाई नहीं देगी 

चैन की अरुणिमा भोर होगी 

कभी काली अंधियारी रात नहीं होगी 


तुम्हारे प्रेम के मीठे जल से 

मेरे दिल की खलिश मिट गई है 

मन में ख्वाहिशों की अनगिनत

सुंदर कलियां सी खिल गई हैं 


खुशियों ने वहां डेरा डाल लिया है 

हर क्षण लगता जैसे नया है 

इतना नशा छा रहा है कि जैसे 

तूने पूरा मयखाना पिला दिया है 


इस दुनिया को छोड़कर ना जाना 

मरते दम तक साथ निभाना 

अगले जनम भी साथ रहेंगे दोनों

आज मुझसे ये वादा करके जाना। 



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