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Sunita kashyap

Abstract

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Sunita kashyap

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"एक जीवनसाथी ऐसा भी "

"एक जीवनसाथी ऐसा भी "

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हर दिल चाहता है एक ऐसा जीवनसाथी मिल जाए,

पास जब वो आए तो मन को सुकून मिल जाए..

सुने वो मेरी और अपनी वो सुनाए ,

समझूँ मैं उसे और वो मुझें समझ जाए...

लडखडाए जो वो तो मैं थाम लूँ ,

डगमगाऊ मैं तो सहरा वो बन जाए...

फैसले का उसके मैं सम्मान रख पाऊं,

निर्णय का वो मेरे आदर रख जाए..

असहमति पर मुझे अपने कारण बताए,

जो मैं ना हूँ सहमत तो मुझे समझ जाए..

बिन कहे मैं उसकी चाहत समझ जाऊँ,

बिन बोले वो मेरी बात समझ जाए..

दर्द में मैं उसके दवा बन जाऊँ,

बाहों में उसकी मैं चैन पा जाए...

खामियों को मैं उसकी पुरा कर पाऊँ,

कमियों का वो मेरी पूरक बन जाए..

हर दिल चाहता है एक ऐसा जीवनसाथी मिल जाए,

पास जब वो आए

तो मन को सुकून मिल जाए....!


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