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Sumit Mishra

Inspirational

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Sumit Mishra

Inspirational

एक दोस्त, जो सिर्फ मेरा हो।

एक दोस्त, जो सिर्फ मेरा हो।

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एक दोस्त ऐसा भी हो,

जो सिर्फ मेरा हो…

मैं रोऊँ तो मुझे हँसाए,

मैं रूठूँ तो मुझे मनाए,


मेरे हर एक दुख में मेरे साथ हो,

मेरी हर एक खुशी में मेरे साथ हो,

मेरे बिन बोले मेरी बात समझे,

मेरे बिन बोले मेरे दर्द को महसूस करें।


हां एक दोस्त ऐसा भी हो,

जो मेरी हंसी के पीछे छिपे दर्द को पहचान ले,

जो मेरे गिरने से पहले

मेरा हाथ थाम ले, मुझे संभाल ले।


हां एक दोस्त ऐसा भी हो,

जो जिंदगी की कठिन राह पर,

मेरा मार्गदर्शक बने।

जो दुनिया की भीड़ में,

मुझे तन्हा न छोड़े।

जो अंधेरे में मेरी रोशनी बने,

हां एक दोस्त ऐसा भी हो।


 हां एक दोस्त ऐसा भी हो,

जिसका साथ पाकर मैं

हर गम भूल जाऊं,

जो मेरे साथ चले तो लगे,

जैसे कि मेरी ही परछाई।


एक दोस्त ऐसा भी हो,

जो मुझे खोने से डरे,

जिसे मेरी कमी महसूस हो,

जब मैं उसके साथ ना हूँ तो,

हां एक दोस्त ऐसा भी हो,

जो मुझसे कभी नाराज ना हो।

हां एक दोस्त ऐसा भी हो,

जो सिर्फ मेरा हो, सिर्फ मेरा


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