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PIYUSH BABOSA BAID

Abstract

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PIYUSH BABOSA BAID

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एक दोस्त ऐसा भी

एक दोस्त ऐसा भी

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एक दोस्त ऐसा भी 

जिसने है जिना सिखाया

जिसने है रोना भुलाया 

जो है ख़ास होता है दिल के पास। 


एक दोस्त ऐसा भी 

जिसका है विश्वास 

हम आज भी है सुपर स्टार 

जिसका है विश्वास 

हम आज भी है फ़ोलाड। 


एक दोस्त ऐसा भी 

जो करता है वार 

लेकिन बन के रहता है परिवार 

जो भागता है दूर सुख में 

जो दुःख में आता है हाथ। 


एक दोस्त ऐसा भी 

जो उदासी के आलम में भी 

हँसी का पेगाम दे जाता है 

थका हारा रहूँ जितना भी 

दिल को वो आराम दे जाता है। 


एक दोस्त ऐसा भी 

जिसके यारी पे है मुझको ग़ुरूर 

जिसके साथ है बचपन

और जवानी के यादें हुजूर। 


एक दोस्त ऐसा भी 

जो होता है हर दम साथ 

जो बन के रहता है परिवार। 


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