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Kavita Pant

Inspirational

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एक दीप मेरा भी

एक दीप मेरा भी

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मेरे मीत जलाओ दीप 

हर कोने को उज्ज्वल कर दो, 

दीपों की पंक्ति में रख दो 

एक दीप मेरा भी।


देखो दीप निराला है 

अखंड जलने वाला है,

आशा का देगा संदेश

एक दीप मेरा भी।


तुमने जितने दीप जलाए

उतने ही दिल जीते हैं ,

शायद जीत सके कोई मन 

एक दीप मेरा भी।


दीप तुम्हारे टिम-टिम करके 

अपनी ओर बुलाते हैं ,

अपने पास बुलाएगा 

एक दीप मेरा भी।


जितने दीप जलाए उनमें

तेल भरा है प्रेम का, 

प्रेम उजागर कर देगा 

एक दीप मेरा भी।


दीपों की पंक्ति में हर पल 

शोभा है कई दीपों से ,

निश्चित शोभित कर देगा मन 

एक दीप मेरा भी।

मन में भर उत्साह असीम 

दीपों के संग सजने को , 

पावन लौ संग झूम उठा 

एक दीप मेरा भी।        


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