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Vandana Kumari

Abstract

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Vandana Kumari

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एैसा बना दो

एैसा बना दो

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मैं क्या हूँ

अहंकार मिटा दो

दिल में मेरे

प्यार जगा दो

सबको अपना

समझूं मैं

प्रभु मुझे

एैसा बना दो

मैं नहीं चाहती

एक धर्म में बस

रच बस जाऊं मैं

सभी धर्मों को

समान सम्मान दूं

सबका गुण गान

गाऊं मैं

मेरे दिल का

द्वेष मिटा दो

मन में एैसी

ज्योत जला दो

सबको अपना

समझूं तिरंगा मैं

प्रभु मुझे

एैसा बना दो

एैसी देशभक्ति देना

कण कण का

मूल्य जानूं मैं

जन्म लिया जिस

मातृभूमि पर

उसी में मिल जाऊं मैं



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