Independence Day Book Fair - 75% flat discount all physical books and all E-books for free! Use coupon code "FREE75". Click here
Independence Day Book Fair - 75% flat discount all physical books and all E-books for free! Use coupon code "FREE75". Click here

dr vandna Sharma

Abstract


5.0  

dr vandna Sharma

Abstract


ए फूल ! क्या कहूं तेरी व्यथा

ए फूल ! क्या कहूं तेरी व्यथा

1 min 225 1 min 225

ए फूल ! क्या कहूं तेरी व्यथा 

था डाली पर तो महक रहा था उपवन 

टूटा डाली से, क्या-क्या हुआ। 


कभी माला में गुंथा गया 

कभी मंदिर में चढ़ाया गया 

किसी ने प्यार से उठाया 

किसी क्रूर के हाथों मसला गया 

किसी के पैरो तले कुचला गया। 


कहीं हार, गजरा, श्रद्धा सुमन 

नाम-उपनाम मिले 

पर अंत में उसी माटी ने

तुझे अपनाया। 


पहले तुझे पूरा मिटाया 

फिर नया अंकुर उगाया 

नयी कोंपल फूटी 

फिर से तू फूल बना। 


ए फूल ! इतना बता 

क्या मिला तुझे

होकर जुदा उस डाली से 

अपनी ज़िंदगी भी तू जी नहीं पाया।


Rate this content
Log in

More hindi poem from dr vandna Sharma

Similar hindi poem from Abstract