STORYMIRROR

Sangeeta Agarwal

Inspirational

4  

Sangeeta Agarwal

Inspirational

दस्तक दरवाजे पर

दस्तक दरवाजे पर

1 min
408

किसी का इंतजार करते हुए

दरवाजे पर दस्तक क्यों नहीं हो रही ?

ये शिकायत बनी रहती है, हर आवाज़

में, बस एक दस्तक सुनाई देती है।

वहीं जब किसी से बचना हो,

उससे बिल्कुल न मिलना हो,

दिल घबराता है, प्रार्थना करता है

भगवान!आज दस्तक न हो, ये वर दो।

दस्तक दरवाजे पर हो या दिल में

उसे ध्यान से सुनना चाहिए।


अवसर बार, बार नहीं मिलते जो

मिल गए हों तो उन्हें भुनाना आना चाहिए।

प्रभु के द्वार पर की गई दस्तक

कभी खाली नहीं जाती है।

सच्चे मन से की गई पुकार

हरियाली और बहार ही लाती है।

दस्तक दो या लो, ईमानदार रहो,

जो भी काम जिंदगी में करो

पूरी शिद्दत से करो। मौका जब

भी मिले जिंदगी में, उसे स्वीकार करो।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational