STORYMIRROR

Abhishek Singh

Abstract

3  

Abhishek Singh

Abstract

दर्द मेरी प्रेरणा

दर्द मेरी प्रेरणा

1 min
299

ये दर्द ही तो मेरी प्रेरणा है।

ये दर्द ही तो मेरा जुनून है।


ये दर्द ही तो मेरा सुकून है।

ये दर्द ही तो मेरी कामयाबी है।


ये दर्द ही तो मेरी पहचान है।

ये दर्द ही तो मेरी सच्चाई है।


मेरे इस दर्द में कुछ बात है।

मेरा ये दर्द ही कुछ ख़ास है।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract