दोस्तों के साथ एक दिन
दोस्तों के साथ एक दिन
दोस्ती दोस्तों की जान होती है,
दोस्ती की शाम गुलाबी शाम होती है।
याद आ रहे हैं हमें वह पल,
थे जब हाल ही में सब मिलकर
सबने अपनी-अपनी कथा सुनाई,
कुछ खुशी तो कुछ व्यथा सुनाई।
जी हां सब के जीवन की थी अलग कहानी,
बातें हो रही थी 40 साल पुरानी।
क्योंकि फेसबुक व्हाट्सएप के माध्यम से मिले थे,
सीनियर सिटीजन दोस्त यह सारे
40 साल बाद मिले थे।
बदल चुकी थी उम्र बदल चुकी थी अदा
मगर लग रहा था जैसे कभी हुए ना जुदा
दोस्ती और बचपन शाहिद एक-दूसरे के पर्याय हैं
दोस्ती में ही सारे सुख समय हैं।
