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Keyurika gangwar

Inspirational

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Keyurika gangwar

Inspirational

दोस्ती

दोस्ती

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खुला आसमान, स्वच्छ चाँदनी।

थोड़ी देर बैठो तो सही ।

डरो मत ,झिझको मत ,जो है दिल में वो कहों।

खोल दो हृदय अपना ,बाँट लो सुख -दुख अपना क्या है पीड़ा, आज बोल दो।

 ये जो तुम्हारी आँखे है, बहुत पीड़ा से भरी है

पीड़ा को अपनी, आज बह जाने दो।

 तुम्हारे हाथ काँपते क्यों हैं ,डरो नहीं, मेेरा हाथ थाम लो।

भूल जाओ उन पलों को ,जिनमें दर्द बहुत हैं 

अभी तो खुश हो जाओ ,हम तुम संग-संग है।

माना मेरा लिवास तुमसे थोड़ा अच्छा है

 पर कमोवेश  मेरी हालत भी, तुम्हारी जैसी है।

चलो ,फिर लौट चलते हैं अपने बचपन में जहाँ खिलौने से खेले थे।

चलो,लौट चले उन काॅलेज के दिनों में जब हमारी दोस्ती के चर्चे थे।

छोड़ो भी यार ,रोना धोना वो नुक्कड़ की दुकान पर गोलगप्पे खाते हैं।

अरे हाँ,तुम्हे आईस्क्रीम बहुत पसंद है ।

चलो फिर चलते हैं अपने पुराने दिनों में।

जी लेते हैं अपने हिस्से की जिंदगी।

अच्छा सुनो तुम्हे तो गुलाबी रंग पसंद था फिर यह नीला क्यों?अच्छा पति के पसंद को अपना लिया।

कोई बात नहीं मैंनें भी तो ऐसा ही किया।

अच्छा चलो आज मैं नगाड़ा बजाती हूँ ,तुम नाचो बहुत पसंद है न तुम्हे।

क्या? उम्र हो गई ,अभी कहाँ ?

अभी तो शुरूआत हुई है जीने की, चलो , अब देर हो गई घर चलते हैं।

बच्चे पूछे कहाँ रह गई,बता देना पगली मांसी मिली थी।


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