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Vipul Rao

Drama

5.0  

Vipul Rao

Drama

दोस्ती

दोस्ती

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कुछ लोगों की

मीठी बातें सुन कर


तुम उन लोगों के

भाई या दोस्त बना जाते हो


उनकी ख्वाहिशों को

पूरी करने के लिए

कुछ भी कर जाते हो


उनकी बातों से तुम

भावनाओं में बह जाते हो


अरे, कभी अपनी ख्वाहिशों को भी

रख कर देखो


क्या वो तुम्हारे लिए

कुछ भी कर जाते हैं


या मौका आने पर

खुद पीछे हट जाते हैं


ये न भूलो कि ये दुनिया

बहुत मतलबी है


ये न सोचो कि

तुम्हारी ज़िन्दगी

कुछ लोगों के बिना अधूरी है


अरे, दोस्त तो वो है

जो मुसीबत पड़ने पर काम आए


न की खुद का मतलब निकाल के

चला जाये


अगली बार दोस्ती

ये देख कर करना


कि वो तुम्हारा इस्तकबाल करे

न की इस्तेमाल करे।।


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