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Jeetal Shah

Action Others

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Jeetal Shah

Action Others

दोस्ती-यारी

दोस्ती-यारी

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कहने को तो सिर्फ

आप सब दोस्त से मेरे

पर दोस्ती से भी ज्यादा

करीब है मेरे

वो पहली मुलाकात

हमारी

जब मैंने रखे थे

कदम हमारी स्कूल में

डरी डरी सी

सहमी सहमी सी

चुप चुप सी, घबराई सी

तब आप ने आकर मेरा

हाथ थाम कर कहा डरो

नहीं ए दोस्त हम सब

है आपके साथ

ओर बन गए

मेरे दोस्त,

हंसी खुशी का

ये सिलसिला चलता रहा

सालों साल बीतते गए

आप बन गए हमारे

सबसे अच्छे और करीब दोस्त

सुख हो या दुख एक दूसरे से

बांटते रहे

मानो जैसे दोस्त

के रूप में मिल गया

हो एक परिवार

कभी ये रिश्ता

हमारा न टूटे

करूं में रब से

यही अर्जी

जहां कहीं भी हम रहे

साथ हमारा यूं ही रहे।



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