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Ruchika Rai

Abstract

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Ruchika Rai

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दोस्त

दोस्त

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दोस्त ईश्वर का सदा ही अनुपम उपहार है

दोस्त से ही जीवन में हमारे रहती बहार है,

दोस्तों से जन्नत है या दोस्त ही जन्नत है,

दोस्त सदा साथ निभाने को होते तैयार है।


दोस्त जमाने की कड़ी आँच में साथ निभाते,

जीवन के हर मुश्किल का हल वो ढूँढ़ लाते,

दोस्त समस्या का मिलकर करते समाधान,

दोस्तों के संग हम जीवन की खुशियाँ पाते।


दोस्ती रक्त संबंध नहीं दिलों का प्यार है,

दोस्तों के साथ नहीं सोच करते व्यवहार है,

दोस्त हमारे गुणों और अवगुणों से परिचित है,

दोस्त जीवन में बनते सम्बल और आधार है।


दोस्त सदा ही दर्द में बनते मरहम हैं,

दोस्त मिलकर बनते सदा मैं से हम हैं,

दोस्त हमारे जीवन के सारे ही राजदार है,

दोस्त किसी भी रिश्ते नहीं बनते कम हैं।


दोस्तों से बढ़े सदा ही हमारा आत्मविश्वास है,

दोस्त जीवन के अमूल्य धरोहर सदा खास हैं,

दोस्तों को सदा सहेज कर रखें जीवन में

दोस्त दूर होकर भी रहते सदा ही पास हैं।



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