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sneh goswami

Abstract

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sneh goswami

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दिन का उगना

दिन का उगना

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बादलों का नन्हा सा छौना

रंगों में डूबा

ज़रा सा चला

और चल दिया।


नयी दिशा की ओर

भरता हुआ कुलांचें

झाड़ियों ने उठा दीं अपनी

वत्सल बाहें।


खुशियों की तरह

फैलने लगे रंग

दिन उगने लगा धीरे धीरे।


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