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shivani Solanke

Abstract Romance

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shivani Solanke

Abstract Romance

दिल

दिल

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दिल तो तुटना

काच की तरहा होता है

सौ टुकडो में बिखरता है

अगारो की तरहा तडपता है


बारिशसा बरस्ता 

ऐसास होता है‌

चुप होकार रोता है

काच हे ज्यादा तुटा हुवा होता है 


आवाज तो होती है

मगर अदंर ही अदंर खोता है|

Miss Shivani Sanjay Solanke 


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