STORYMIRROR

Neeraj Agarwal

Romance

4  

Neeraj Agarwal

Romance

दिल शीशे सा..….... हमारा

दिल शीशे सा..….... हमारा

1 min
375


दिल शीशे सा हम सबका होता है।

बस मुस्कुराती जिंदगी का सच कहता है।


तेरी मेरी चाहत में दिल शीशे सा होता है।

जिंदगी सांसों में बसा एक मंथन रहता है।


हां सच तो यही बस दिल शीशे सा होता है।

आरज़ू और हकीकत में अंतर कहता है।


दिल शीशे सा एक एतबार मन से होता है।

विश्वास तेरा मेरा प्यार भरा साथ कहता है।


आज आधुनिक समय में दिल शीशे सा है।

जीने मरने की सोच और वादा सा रखते है।


सोच समझ कर हम दिल शीशे सा न कहते हैं।

जज्बातों के समुद्र में हम सभी लम्हे रहते हैं।


तेरी यादों में दिल शीशे सा आज रहता है।

भूल गए हम तुझे यह आज भी धड़कता है।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance