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Dinesh Dubey

Abstract

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Dinesh Dubey

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दिल में ना रखना

दिल में ना रखना

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दिल में ना रखना दिल की वो बातें,

जो हर पल दिन रात तुम्हे सताते,

चाहो जो दिल में सुकून जो तुम,

बातो को न दिल से लगाओ तुम।


सब दुनिया में एक से नहीं हैं,

हर कोई यहां नेक सा नहीं है,

मतलब की ये दुनिया है यारो,

जो ना समझे ठोकर तुम मारो।


इस दुनिया से तुम आशा ना रखना,

पड़ता है हरदम निराशा यहां सहना,

यहां बेगैरत हैं लोग इस दुनियां में,

मिल जाए वो खैरात ही समझना।


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